Eine Demonstration mit vielen Menschen ist zu sehen. Im Vordergrund sieht man eine Regenbogenfahne. © Goethe-Institut
जर्मन संविधान को ग्रुण्डगज़ेट्ज़ (मूल कानून) कहा जाता है। ग्रुण्डगज़ेट्ज़ में जर्मनी के संघीय गणतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण कानूनी और राजनीतिक नियम शामिल हैं। उदाहरण के लिए, ग्रुण्डगज़ेट्ज़ बताता है कि जर्मनी एक लोकतांत्रिक राज्य है। अर्थात, कोई भी राजनीतिक जीवन में भाग ले सकता है, मसलन, संघों, पहलकदमियों, ट्रेड यूनियनों या दलों में। राजनीतिक दलों के पास विभिन्न कार्यक्रम और लक्ष्य हैं। मुख्य पार्टियों के नाम हैं: क्रिश्चियन डेमोक्रैटिक पार्टी (CDU), सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (SPD), ग्रीन पार्टी (एलायंस 90/द ग्रीन), फ्री डेमोक्रेटिक पार्टी (FDP) और डी लिंके (वामपंथी पार्टी)। पिराटेनपार्टी डॉइच्लान्ड (समुद्री डाकू पार्टी जर्मनी) एक अपेक्षाकृत नई पार्टी है। कई अन्य छोटी पार्टियाँ भी हैं।

Eine Demonstrationen zum Klima ist zu sehen. Viele Plakate werden in die Luft gehalten. © Goethe-Institut
 
ग्रुण्डगज़ेट्ज़ में जर्मनी के लोगों के अधिकार और कर्तव्य भी शामिल हैं। महत्वपूर्ण कर्तव्य हैं - अनिवार्य शिक्षा: बच्चों और किशोरों के लिए जर्मनी में स्कूल जाना जरूरी है। कर देयता: जो पैसा कमाता है, उसे करों का भुगतान करना होगा। और कानून का सम्मान करने का कर्तव्य: सभी को कानून का पालन करना चाहिए।
 
और निम्नलिखित सबसे महत्वपूर्ण अधिकार हैं:

मानव सम्मान: आपको सभी का सम्मान करना होगा।
 
समान अधिकार: सभी लोगों के समान अधिकार हैं। उदाहरण के लिए, महिलाओं और पुरुषों के समान अधिकार हैं।
 
कानून के समक्ष समानता: कानून के मुताबिक सभी इंसान समान हैं।
 
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता:
लोगों को, वे क्या सोचते हैं, कहने की अनुमति है।
 
एकत्र होने की आजादी:
लोगों को समूह में मिलने की इजाजत है।
 
गतिशीलता और निवासस्थान की स्वतंत्रता: लोगों को, जहां वे चाहते हैं, रहने और जीने की आजादी है।
 
व्यावसायिक स्वतंत्रता: लोगों को स्वतंत्र रूप से अपने पेशे को चुनने का अधिकार है।
 
अन्य अधिकारों में विवाह और परिवार की सुरक्षा, मताधिकार और धर्म की स्वतंत्रता शामिल है।
 
मतदान का अधिकार: जर्मनी के लोगों को वोट देने की आजादी है। और वे भी चुने जा सकते हैं। चुनाव को गुप्त, सामान्य, दबाव मुक्त और निष्पक्ष होना चाहिए। इनमें यूरोपीय चुनाव, संसदीय चुनाव, राज्य चुनाव और नगरपालिका चुनाव शामिल हैं। यूरोपीय चुनाव और नगरपालिका चुनाव में, जर्मनी में रहने वाले यूरोपीय संघ के सभी नागरिक वोट कर सकते हैं। आमतौर पर इसकी अनुमति 18 साल की उम्र से दी जाती है। कुछ संघीय राज्यों में 16 साल की उम्र से भी नगरपालिका चुनाव में वोट कर सकते हैं। राज्य चुनाव और संसदीय चुनाव में केवल वे जर्मन नागरिक, जो कम से कम 18 वर्ष के हों, वोट कर सकते हैं। कई स्थानों पर एकीकरण परिषद या एकीकरण सलाहकार परिषद हैं। उनके चुनाव आमतौर पर प्रवासियों द्वारा होते हैं। एकीकरण सलाहकार परिषद प्रवासियों के राजनीतिक हितों के लिए काम करती हैं। वे सवालों और समस्याओं को हल करने में भी सहायता करती हैं। इस काम के माध्यम से वे प्रवासियों और जर्मनों के सह-अस्तित्व में सुधार लाना चाहती हैं।

Das Innere einer christlichen Kirche ist zu sehen. © Goethe-Institut
 
धार्मिक स्वतंत्रता: प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म का चयन और पालन करने की आजादी है। जर्मनी में लगभग एक तिहाई लोगों का, आधिकारिक तौर पर कोई धर्म नहीं है। ज्यादातर जर्मन ईसाई धर्म का पालन करते हैं, इसलिए वे रोमन कैथोलिक या प्रोटेस्टेंट हैं। क्रिसमस या ईस्टर जैसी कई ईसाई छुट्टियाँ सार्वजनिक छुट्टियाँ हैं। इसका मतलब है कि ज्यादातर लोगों को इन दिनों पर काम नहीं करना पड़ता है। लेकिन जर्मनी में कई मुस्लिम और अन्य धर्मों के सदस्य भी रहते हैं। स्कूलों में प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक धर्म-निर्देश पाठ होते हैं। कुछ स्कूलों में रूढ़िवादी-ईसाई, यहूदी और इस्लामी धार्मिक शिक्षा भी होती है। माता-पिता यह तय कर सकते हैं कि उनके बच्चे को धार्मिक शिक्षा में जाना चाहिए या नहीं। वे यह भी तय करते हैं कि उनके बच्चे को किस धार्मिक शिक्षा के लिए जाना चाहिए।

जर्मनी में सेक्स संबधित  लाइफ बहुत खुली हुई है I इसका तात्पर्य यह है कि समलैंगिक प्यार, उभयलिंगी, विपरीतलिंगी और I इंटरसेक्सुअलिटी  रोज़मर्रा की जिंदगी के उतने ही अभिन्न अंग है जितने की विषमलिंगी I जर्मनी में भी एलजीबीटीक्यू आन्दोलन काफी महत्वपूर्ण रोल अदा करता है I यह समलैंगिक कामुक स्त्रियों,उभयलिंगियों, विपरीत लिंग प्रदर्शक और समलैंगिकों का समुदाय है I इन्हें जर्मनी में सुरक्षा प्राप्त है I इन्द्रधनुषी झंडा एलजीबीटी आन्दोलन का प्रतीक है I 1 अक्टूबर 2017 से  जर्मनी में समलैंगिक युगल भी यदि विवाह करते हैं तो उन्हें भी सभी अधिकार और दायित्व निर्वाह का हक़ है I उदाहरण के लिए, इसका तात्पर्य यह भी है कि यदि वह कुछ अर्हताएं पूरी करते हैं तो वे भी विषमलिंगी युगल की तरह  बच्चे गोद ले सकते हैं I
 यदि अधिकारों का पालन नहीं होता है तो कुछ परिस्र्थितियों में इसे भेद- भाव का  विषय माना जायेग I इसके सात ही हमारे वेब पोर्टल का अनुच्छेद भी देखें I

Menschen sitzen vor einem Cafe in der Sonne. Ein Mann in einem Rollstuhl ist zu sehen. © Goethe-Institut
 
 

बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आपके मन में कुछ और प्रश्न हैं ? संपर्क फॉर्म के ज़रिये हमें लिखिए I हम आपके प्रश्नों को गोपनीय रूप से युवा प्रवासी सेवा के परामर्श दाताओं तक पहुँचादेंगे I

संपर्क फॉर्म तक